एक बन्दर सा उछ्ला करता मेरा भाई अनंत 
उठ कर गिरता गिर कर उठता मेरा भाई अनंत
दिन भर मुझसे लडता रहता मेरा भाई अनंत
रात अकेले सोने से डरता मेरा भाई अनंत
पढना लिख्नना उसे ना भाता मेरा भाई अनंत
खाना खाने से कतराता मेर भाई अनंत 
फिर भी मुझको लगता प्यारा मेरा भाई अनंत
सारे जग में सबसे न्यारा मेरा भाई अनंत
यह कविता अनन्या ने अपने भाई अनंत कुमार के लिये लिखी है.अगर आप को अछ्छी लगे तो उसे ज़रूर बताना.



रियली बहुत प्यारी कविता….
nice poem ananya
…keep it up !!
very nice…
aww so sweet! loved it!