मै खयाल हूं किसी और का मुझे सोचता कोई और है
मेरा अक्स है सरे आइना पसे आइना कोई और है …
अक्स – image पसे आइना- behind the mirror
मैं किसी के दश्त ए तलब में हूं मैं किसी कि हर्फ ए दुआ में हूं
मैं नसीब हूं किसी और का मुझे मांगता कोई और है …..
दश्त ए तलब – As ordered by hand हर्फ ए दुआ – words of prayer
मुझे दुश्मनों कि खबर ना थी तुझे दोस्तों का पता न था
मेरी दास्तां कुछ और थी तेरा वाकया कोई और है ..
वाकया - anecdote दास्तां - story
कभी लौट आयें तो पूछ्ना नहीं देखना उन्हें गौर से
जिन्हें रास्ते में खबर हुई कि ये रास्ता कोई और है….
Just ask them casually , don’t offer a surprised look
Perhaps they realized mid way,that this is not the right direction
अजब ऐतबार औ बे ऐतबारी के दरमियां है ये ज़िन्दगी
मैं करीब हूं किसी और के मुझे जानता कोई और है ….
ऐतबार औ बे ऐतबारी के दरमियां - between trust and doubt
~ Salim Kausar


