देखना इन बस्तियों को तुम कि वीराँ हो गईं

सब कहाँ कुछ लाला-ओ-गुल में नुमायाँ हो गईं
ख़ाक में क्या सूरतें होंगी कि पिन्हाँ हो गईं

लाला-ओ-गुल – Rose Flower,नुमायाँ – Show up,पिन्हाँ – Concealed

नींद उसकी है, दिमाग़ उसका है, रातें उसकी हैं
तेरी ज़ुल्फ़ें जिसके बाज़ू पर परिशाँ हो गईं

परिशाँ – spread out

मैं चमन में क्या गया, गोया दबिस्ताँ खुल गया
बुल-बुलें सुन कर मेरे नाले, ग़ज़लख़्वाँ हो गईं

दबिस्ताँ – School,ग़ज़लख़्वाँ – Poets,नाले – sad songs

वाँ गया भी मैं तो उनकी गालियों का क्या जवाब
याद थी जितनी दुआयें, सर्फ़-ए-दर्बाँ हो गईं

सर्फ़-ए-दर्बाँ – Handed over to the Doorman

हम मुवहिहद हैं, हमारा केश है तर्क-ए-रूसूम
मिल्लतें जब मिट गैइं, अज्ज़ा-ए-ईमाँ हो गईं

मुवहिहद – Believer in One God,केश है तर्क-ए-रूसूम – Religion is Breaking rules

मिल्लतें – sects,अज्ज़ा-ए-ईमाँ – the true religion

रंज से ख़ूगर हुआ इन्साँ तो मिट जाता है रंज
मुश्किलें मुझ पर पड़ि इतनी के आसाँ हो गईं

रंज से ख़ूगर – Used to sorrow

यूँ ही गर रोता रहा “ग़ालिब”, तो अए अह्ल-ए-जहाँ
देखना इन बस्तियों को तुम कि वीराँ हो गईं

अए अह्ल-ए-जहाँ – Dear People of the world

Videos are available on You tube from the TV serial Mirza Ghalib

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