तुने दीवाना बनाया तो मैं दीवाना बना…

तेरे दर के फकीर हैं हम लोग

क्या अमीर ओ कबीर् हैं हम लोग

दोनो आलम की क़ैद से आज़ाद

एक तेरे असीर हैं हम लोग्

तू मिला भी है तू जुदा भी है abida-1
तेरा क्या कहना

तू सनम भी है तू खुदा भी है
तेरा क्या कहना

ये तमन्ना है के आज़ादे तमन्ना ही रहूँ
दिले मायूस को मायूस ए तमन्ना न बना…

तुने दीवाना  बनाया  तो मैं दीवाना बना.


अब मुझे होश की दुनिया में तमाशा न बना…

बुरा जो देखन मैं चला बुरा न मिलिया कोए

जो घर देखा आपना मुझसे बुरा न कोए

नुसरत ए मिस्र ए तम्मना तेरे जलवों

के निसार्

मेरी बेदारियों को ख्वाब ए सुलेखां न बना

दोज़ख से कोई काम न जन्नत से कुछ गरज़

जायेंगे उधर जिधर यार ले चले

निगाहे नाज़ से पूछेंगे किसी दिन ये ज़हीन

तूने क्या क्या न बनाया कोई क्या क्या न बना

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