मै खयाल हूं किसी और का..

मै खयाल हूं किसी और का मुझे सोचता कोई और है

मेरा अक्स है सरे आइना पसे आइना कोई और है …

अक्स – image पसे आइना- behind the mirror

मैं किसी के दश्त ए तलब में हूं मैं किसी कि हर्फ ए दुआ में हूं

मैं नसीब हूं किसी और का मुझे मांगता कोई और है …..

दश्त ए तलब – As ordered by hand हर्फ ए दुआ – words of prayer

मुझे दुश्मनों कि खबर ना थी तुझे दोस्तों का पता न था

मेरी दास्तां कुछ और थी तेरा वाकया कोई और है ..

वाकया – anecdote दास्तां – story

कभी लौट आयें तो पूछ्ना नहीं देखना उन्हें  गौर से

जिन्हें रास्ते में खबर हुई कि ये रास्ता कोई और है….

Just ask them casually , don’t offer a surprised look

Perhaps they realized mid way,that this is not the right direction

अजब ऐतबार औ बे ऐतबारी के दरमियां है ये ज़िन्दगी

मैं करीब हूं किसी और के मुझे जानता कोई और है  ….

ऐतबार औ बे ऐतबारी के दरमियां – between trust and  doubt

~ Salim Kausar

http://www.youtube.com/watch?v=6SKb0gOR8SU&feature=related

Advertisements

2 comments on “मै खयाल हूं किसी और का..

  1. falaque says:

    Nice one :).
    Thanks for such a nice poetry.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s