Joie de vivre…

A playful butterfly

dancing from tree to tree

she looks so full of life

so joyous, so carefree

her colors the same as flowers

her ebullience as in the sunshine

the blue sky, the freedom to fly

I watch it from my window

confined, insipid and listless

days pass; its the same story

I get used to it and

the scene looks awry

Her act is now cliched

monotonous, hungry with greed

from morn to night

it’s just one fight

to live for the day

to hoard for tomorrow

there is no joy

there is no sorrow

she sucks on the nectar

as much as she can

I gaze at her to think

where it all began

Ah ! you beautiful butterfly

do you too think of me

what a blissful life

not to run around the tree

such a peaceful man

so content and so carefree ….

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फ़र्ज़ करो…

फ़र्ज़ करो हम अहले वफ़ा हों, फ़र्ज़ करो दीवाने हों
फ़र्ज़ करो ये दोनों बातें झूठी हों अफ़साने हों

फ़र्ज़ करो ये जी की बिपता, जी से जोड़ सुनाई हो
फ़र्ज़ करो अभी और हो इतनी, आधी हमने छुपाई हो

फ़र्ज़ करो तुम्हें ख़ुश करने के ढूंढे हमने बहाने हों
फ़र्ज़ करो ये नैन तुम्हारे सचमुच के मयख़ाने हों

फ़र्ज़ करो ये रोग हो झूठा, झूठी पीत हमारी हो
फ़र्ज़ करो इस पीत के रोग में सांस भी हम पर भारी हो

फ़र्ज़ करो ये जोग बिजोग का हमने ढोंग रचाया हो
फ़र्ज़ करो बस यही हक़ीक़त बाक़ी सब कुछ माया हो

‌- इब्ने इंशा 

 

ना जाने क्यों…

ना जाने क्यों हम

घने काले बादलों के पीछे

देख नहीं पाते छुपे इंद्रधनुष को

ना जाने क्यों

शहर के शोर के बीच

सुन नहीं पाते पक्षियों का कलरव

ना जाने क्यो

संसार के दुख सुख में

मह्सूस नहीं कर पाते अपना अस्तित्व

और ना जाने क्यो

कुछ संजीदा करने के भ्रम में

खेल नहीं पाते खेल बच्चों का

ना जाने क्यों हम

मानते है म्रत्यु को एक सुदूर सम्भावना

और जीवन को बंधन नियती का

जबकि  म्रत्यु को पाना तो हमारी नियति है

और जीवन भरा हुआ है अनेक सम्भावनाओं से….