एक आवाज़

अक्सर जब नींद नहीं आती रातों को

और मैं इस सोच में गुम होता हूँ

कि आखिर मैं कहाँ गलत था ?

तभी मन के किसी कोने से

हर बार एक आवाज़ आती है

दोस्त ये इतना आसान नहीं है.

अभी तो कई रात जागना होगा तुमको..

(Inspired by Charles M. Schulz)

4 comments on “एक आवाज़

  1. बहुत बढ़िया लेख है। समय-समय पर विभिन्न प्रकार के अच्छे बलौग की सामग्री पढ़ना अच्छा लगता है । 😊
    मेरे ब्लॉग पर आपके विचार का मुझे इंतज़ार रहेगा 🙏🏼
    https://classicalpoems.com

  2. क्या खूब लिखा है

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s