कोई उम्मीद बर नहीं आती ..

कोई उम्मीद बर नहीं आती , कोई सूरत नज़र नहीं आती

आगे हर बात पर आती थी हंसी , अब किसी बात पर नहीं आती

हम वहां हैं जहां से हमको , अब कुछ अपनी खबर नहीं आती

~  गालिब